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न्यायदर्शनम्

Swami Darshananand Sarswati

Aarsh
Downloads: 212 Views: 538
Book Details
Language: Hindi
Pages: 215
Book Scanned Quality: Good
Size: 67.060 MB
Publisher: Pt. Shankar Dutt Sharma
Edition: 2nd
Year of Publish: 1918
City: Muradabad
ISBN No. N/A
Web Link: http://www.vediclibrary.in/book_page.php?book_id=525
Title/Author Details
Title: न्यायदर्शनम्
Category: Book
Subject: दर्शन
Author: Swami Darshananand Sarswati
Book Description

जो मनुष्य न्याय शास्त्रको ठीक प्रकार से जान जाता है उसको कोई चालाक धोका नही देसकता सांप्रदायिक तथा वैज्ञानिक बिवा दो में जो बातें साधारण भी दृष्टि में कठिन मालम होती हो वह इस दर्शन के ज्ञाता को अति सुगम हैं और जिन प्रश्नो का उत्तर देने में संसार के बडे २ मत चकराते हैं उसका उत्तर इस विज्ञान का ज्ञाता बड़ी सुगमता से दे सकता है। सम्प्रति आत्मिक सिद्धान्ता के ज्ञाना भावा से मनुष्यों में अनेक प्रकार के झगड़े होरहे है । और इस दर्शन के न जानने से वे झगड़े समय समय पर विकट रूप धारण करलेते हैं। अतः हमारा निश्चय होगया है कि यथाशा पुराने ऋषियों के विचारों को भाषा में अनवाद करके देशवासिया को यथार्थ साधनों का ज्ञान कराने का उद्योग करेंगे। इन दर्शनी का अनुवाद क्रमशः न्याय दर्शन से प्रारम्भ होकर आपकी दृष्टि में आता रहेगा। यदि एक व्यक्ति को भी इसके अध्ययन से पूरा लाभ हुआ तो अनुवादक अपना परिश्रम सफल समझेगा। 
दर्शनानन्द सरस्वती