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फाउंडर्स ऑफ़ साइंसेज इन एन्शेंट इंडिया

Swami Satyaprakash Sarswati

Anya
Downloads: 48 Views: 131
Book Details
Language: English
Pages: 690
Book Scanned Quality: Low
Size: 12.943 MB
Publisher: Ram Swarup Sharma
Edition: N/A
Year of Publish: 1965
City: New Delhi
ISBN No. N/A
Web Link: http://www.vediclibrary.in/book_page.php?book_id=522
Title/Author Details
Title: फाउंडर्स ऑफ़ साइंसेज इन एन्शेंट इंडिया
Category: Book
Subject: वैदिक विज्ञान
Author: Swami Satyaprakash Sarswati
Book Description

 इस पुस्तक का हिन्दी भाषा में ग्रन्थ का नाम प्राचीन भारत के वैज्ञानिक कर्णधार है. 

इस ग्रन्थ में उस अमूल्य सामग्री का संकलन है, जो समय समय पर हमारे विद्वानों ने अपने साहित्य में प्रस्तुत की है। सर विलियम जोन्स के भारत में आगमन के बाद पश्चिमी विद्वानों का प्राचीन भारतीय वाङग्मय से परिचय हुआ। उन्होंने हमारे ग्रन्थों के यूरोपीय भाषाओं में अनुवाद भी किए और हमारी संस्कृति का उदारता से अध्ययन भी किया। बीसवीं शती के प्रारम्भिक दशकों से ही भारतीय विद्वानों का भी ध्यान अपने देश की परम्पराओं के अध्ययन की ओर गया। मेरे इस ग्रन्थ में उस सामग्री का प्रचुरता से उपयोग है, जो मूलतः मुझसे पहले के अध्येताओं की प्रस्तुत की हुई हैं। मेरा तो इस संकलन में इतना ही योगदान है – प्रस्तुत करने का मेरा अपना ढंग है। 

Book Index

इस ग्रन्थ में तेरह अध्याय हैं - 
प्रथम अध्याय में अग्नि के आविष्कारक अथर्वण और उसकी परम्परा का उल्लेख है। 
दूसरे अध्याय में यज्ञ मे प्रयुक्त यज्ञशाला के उपकरणों का उल्लेख है। ये उपकरण स्वयं में अनोखे आविष्कार हैं, जिन्होंने यान्त्रिकी की आधारशिला रखी। 
तीसरा, चौथा अध्याय वैदिक काल गणना, विविध संवत्सरोंऔर नक्षत्र गणना से सम्बन्ध रखता है।
 पाँचवे, छठे और सातवें अध्याय चिकित्सा और शल्यकर्म से संबंध रखते हैं। 
आठवें अध्याय में कणाद ऋषि का कारण-कार्य सम्बन्ध और परमाणुवाद है। 
शेष नवें से तेरहवें अध्यायों की सामग्री अंकगणित, बीजगणित, रेखागणित और ज्योतिष से संबंध रखती है, जिसके प्रचलन का अधिकतम गौरव प्राचीन भारत को है।