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स्त्रैणताद्धितः

Straintaaddhitah

By : Swami Dayanand Saraswati In : Hindi

यह अष्टाध्यायी का पांचवां भाग, और पठन पाठन में पाँचवां पुस्तक है। मैंने इसको बनाना आवश्यक इसलिये समझा है कि पढ़ने पढ़ानेवालों को 'स्त्री' और 'तद्धित' प्रत्ययों का भी बोध होना अवश्य उचित है। इसके जाने विना अन्य शास्त्रों का पढ़ना भी सुगम नहीं हो सकता । विशेष तो यह है कि संस्कृत में जैसा तद्धित प्रत्ययों से अधिक बोध होता है, वैसा अन्य से नहीं हो सकता। इसमें थोड़ा सा तो स्त्रीप्रत्यय का प्रकरण है, बाकी दोनों अध्याय तद्धित के ही हैं। इनमें से मुख्य मुख्य सूत्र, जो कि विशेष कर के वेदादि शास्त्रों और संस्कृत में उपयुक्त हैं, उन को लिख कर, भाष्य के वार्तिक, कारिका, उदाहरण, प्रत्युदाहरण भी लिखे हैं, जिस से 'स्त्रीप्रत्यय' और 'तद्धित' का भी यथावत् बोध हो।

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  • Title : स्त्रैणताद्धितः


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    Series Title : वेदाङ्ग प्रकाशः


    Language : Hindi


    Category :


    Subject : संस्कृत व्याकरण


    Author 1 : स्वामी दयानन्द सरस्वती


    Author 2 : N/A


    Translator : N/A


    Editor : N/A


    Commentator : N/A


    Publisher : Vedic Pustakalay


    Edition : 7th


    Publish Year : 1991


    Publish City : Ajmer


    ISBN # : N/A


    https://www.vediclibrary.in/book/straintaaddhitah

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